भारत में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी का बड़ा आयोजन होने जा रहा है।

अहमदाबाद में होगा एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप का आयोजन

नई दिल्ली भारत में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। करीब 22 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका मिला है। वर्ष 2027 में एशिया कप तीरंदाजी (आर्चरी) का दूसरा चरण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में अंतिम फैसला कोलकाता में हुई वर्ल्ड आर्चरी एशिया की बैठक में लिया गया। इससे पहले भारत ने वर्ष 2005 में दिल्ली में एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी की थी।

बैठक के दौरान वर्ल्ड आर्चरी एशिया के अध्यक्ष काजी राजीब उद्दीन अहमद चापोल ने आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा से मुलाकात कर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एशिया कप के आयोजन को लेकर सकारात्मक माहौल है और तैयारियों में किसी बड़ी चुनौती की संभावना नहीं है। साथ ही यह भी संकेत दिए गए कि अगले वर्ष होने वाली कॉमनवेल्थ आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए भी दिल्ली एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही है।

इधर, देश के अन्य शहरों को भी तीरंदाजी से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों की जिम्मेदारी मिली है। गुजरात के अहमदाबाद को इस वर्ष सितंबर में होने वाली एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गई है। वहीं, कोलकाता को 2026 में आयोजित होने वाली साउथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी मिलेगी। कोलकाता ने इससे पहले वर्ष 2009 में एशियन आर्चरी ग्रां प्री का आयोजन किया था। इसके अलावा संभावना जताई जा रही है कि अगले वर्ष सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप भी कोलकाता में आयोजित हो सकती है, हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय बाकी है। इस साल राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप शिलांग में आयोजित की जाएगी।

भारतीय तीरंदाजों के लिए वर्ष 2026 भी काफी व्यस्त रहने वाला है। सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स आयोजित होंगे, जिसके लिए भारतीय खिलाड़ी तैयारियों में जुटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय सत्र की शुरुआत 21 से 26 मार्च के बीच बैंकॉक में होने वाले एशिया कप आर्चरी के पहले चरण से होगी। दूसरा चरण अप्रैल में इराक में प्रस्तावित है, लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण उसके आयोजन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बाद तीसरा और अंतिम चरण नवंबर में चीन में आयोजित होगा।

इसके अलावा आर्चरी विश्व कप का पहला चरण 7 से 12 अप्रैल तक मेक्सिको के पुएब्ला में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण 5 से 10 मई तक शंघाई में और तीसरा चरण 9 से 14 जून तक तुर्किये के अंताल्या में आयोजित किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में भारतीय तीरंदाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।

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