हरिद्वार। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं तथा गोवर्धन पर्वत की दिव्य कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया जाएगा। कथा व्यास पंडित प्रदीप गोस्वामी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि उनमें मानव जीवन के लिए गहरे आध्यात्मिक और नैतिक संदेश निहित हैं।
उन्होंने कहा कि गोवर्धन लीला हमें प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति सम्मान का संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का निवारण कर यह बताया कि मनुष्य को अहंकार का त्याग कर अपने कर्म, प्रकृति और समाज के प्रति कर्तव्य निभाना चाहिए। गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण कर भगवान ने समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की और यह संदेश दिया कि ईश्वर अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं।
पंडित प्रदीप गोस्वामी ने कहा कि कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पर्वत की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, प्रेम, करुणा और सद्भाव की भावना जागृत होती है। उन्होंने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा में विनोद धीमान, उनके छोटे भाई सुनील धीमान, पटवारी टिहरी गढ़वाल तथा उनकी धर्मपत्नी, जिला सांख्यिकी अधिकारी टिहरी गढ़वाल, के पुत्र प्रज्ञान उर्फ चीकू के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।
22 अगस्त को प्रज्ञान उर्फ चीकू का जन्मदिन मनाने के साथ कथा का समापन होगा, जबकि 23 अगस्त को श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करने और भक्ति भाव से कथा का लाभ लेने का आह्वान किया।

